India from space: सुनीता विलियम्स ने कहा-अद्भुत भारत ! हिमालय भी समुद्र की लहरों जैसा

नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स से कहा अंतरिक्ष से भारत कैसा नजर आता है तो उन्होंने कहा कि-अद्भुत भारत। खास तौर पर हिमालय समंदर की लहरों की तरह !
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष से भारत अद्भुत दिखता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि वे अपने पिता के देश का दौरा करेंगी और वहां के लोगों के साथ अंतरिक्ष के बारे में अपने अनुभव साझा करेंगी। सुनीता ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐसा कहा।
अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) में 9 महीने बिताने के बाद हाल ही में लौटीं NASA की भारतीय मूल की अंतरिक्षयात्री सुनीता विलियम्स ने भारत को लेकर कई बड़ी बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश हैं और वह जल्द ही इंडिया टूर कर सकती हैं। विलियम्स से जब पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है तो उन्होंने कहा, भारत अद्भुत नजर आता है। जब भी आईएसएस हिमालय के ऊपर गया तो अनोखी तस्वीरें मिलीं। हिमालय अंतरिक्ष से लहरों की तरह नजर आता है।
भारतीय मूल की नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने भारत को महान देश बताया है। उन्होंने भारत से जुड़ी अपनी यादों का भी जिक्र किया। दरअसल, सुनीता विलियम्स मीडिया से रूबरू हुईं। इस दौरान ज्यादातर भारत से जुड़े सवाल ही उनसे पूछे गए। उनसे पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है। यह रोशनी के नेटवर्क जैसा दिखता है। गुजरात, महाराष्ट्र से लेकर सभी छोटे-बड़े शहर और समुद्र… यह अद्भुत है।
उन्होंने कहा, ‘भारत अद्भुत है। हर बार जब हम हिमालय के ऊपर से गुजरे और मैं आपको बताऊं, बुच ने हिमालय की कुछ अविश्वसनीय तस्वीरें लीं। बस अद्भुत।’ वह इस सवाल का जवाब दे रही थीं कि जब वह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में थीं तो अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता था। उनसे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ उनके सहयोग की संभावना के बारे में पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि जरूर। हम हर जरूरी मदद करेंगे।
भारत यात्रा
संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने अपनी संभावित भारत यात्रा पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं अपने पिता के देश जाऊंगी। वहां मैं एक्सिओम मिशन पर जाने वाले भारतीय नागरिक से भी मुलाकात करूंगी। मैं उनसे कभी न कभी जरूर मिलूंगी। हम उनके साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। भारत एक महान देश है। वहां एक शानदार लोकतंत्र है, जिसने अंतरिक्ष जगत में अपने कदम जमा लिए हैं। हम इसका हिस्सा बनना और उनकी मदद करने में जरा भी नहीं हिचकिचाएंगे।’ हालांकि, सुनीता विलियम्स की भारत यात्रा की तारीख अब तक तय नहीं है।
सुनीता विलियम्स ने यह भी बताया कि अंतरिक्ष से भारत को देखने में लगता है कि बड़े शहरों से छोटे शहरों की ओर रौशनी का कोई नेटवर्क बनाया गया हो। बता दें कि महाकुंभ के दौरान आएसएस से ली गई तस्वीरों को भी नासा ने जारी किया था।
भारत से है खास संबंध
सुनीता के पिता दीपक पांड्या गुजरात से थे और 1957 में अमेरिका गए थे। यहां उन्होंने क्लीवलैंड, ओहियो में मेडिसिन में इंटर्नशिप और रेजीडेंसी ट्रेनिंग की। सुनीता का जन्म ओहियो में दीपक और उर्सुलाइन बोनी पांड्या के घर हुआ। सुनीता विलियम्स ने कहा कि वह अपने पिता की मातृभूमि से फिर जुड़ना पसंद करेंगी। उन्होंने कहा, मैं उम्मीद करती हूं कि जल्द ङी भारत आऊंगी। वहीं उनकी मां स्लोवेनियाई मूल की हैं। दीपक पंडिया का जन्म भारत में हुआ। सुनीता विलियम्स 2007 और 2013 के अंतरिक्ष मिशन के बाद भी भारत आ चुकी हैं।
Axiom Mission
उन्होंने कहा कि Axiom Mission के साथ भारतीय अंतरिक्षयात्री के स्पेस में जाने को लेकर वह बहुत ही उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, भारत महान देश है और एक अद्भुत लोकतंत्र है। अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत ने बहुत प्रगति की है। बता दें कि भारत गगनयान मिशन के जरिए अंतरिक्षयात्रियों को स्पेस में भेजने की तैयारी कर रहा है।
नौ महीने बाद वापसी
सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में 322 दिनों का समय बिताया। दरअसल उनके यान में खराबी आने की वजह से वह आईएसएस में ही फंस गई थीं। उनकी यात्रा केवल आठ दिनों के लिए निर्धारित थी। बोइंग के यान में खराबी की वजह से इसे खाली ही धरती पर लौटा लिया गया। 9 महीने बाद सुनिता विलियम्स और उनके साथ बुच विलमोर धरती पर वापस आ सके।
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