दो ‘भालों’ की जंग, एक बार फिर आमने-सामने
ग्लासगो का सेल्टिक पार्क स्टेडियम आज रात एक बार फिर इतिहास का गवाह बनने जा रहा है। एक तरफ भारत के ‘गोल्डन बॉय’ नीरज चोपड़ा, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के ओलिंपिक चैंपियन अरशद नदीम – दोनों के हाथों में भाला, आँखों में सोना, और दिल में देश का सम्मान। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के जैवलिन थ्रो फाइनल का काउंटडाउन शुरू हो चुका है, और रात 12:45 बजे (भारतीय समयानुसार) ग्लासगो के आसमान में तय होगा कि इस बार ‘भाले का बादशाह’ कौन बनेगा।
क्वालिफिकेशन में क्या हुआ? – नीरज पांचवें, नदीम सातवें स्थान पर
क्वालिफिकेशन राउंड में नीरज चोपड़ा ने अपने पहले प्रयास में 76.28 मीटर और दूसरे प्रयास में 79.61 मीटर का थ्रो दर्ज किया। तीसरा प्रयास किए बिना ही नीरज ने पांचवें स्थान पर रहते हुए फाइनल की टिकट पक्की कर ली। यह उनकी “ऊर्जा बचाने की रणनीति” का हिस्सा माना जा रहा है – क्योंकि असली जंग तो फाइनल में है।
वहीं पाकिस्तान के अरशद नदीम भी अपने पहले प्रयास में 78.63 मीटर का थ्रो कर सातवें स्थान पर रहते हुए फाइनल में पहुंचे। दूसरे और तीसरे प्रयास में वे अपने प्रदर्शन में सुधार नहीं कर सके, जो भारतीय खेमे के लिए राहत की खबर है।
भारत की तिकड़ी फाइनल में:
- 🇮🇳 नीरज चोपड़ा – 79.61 मीटर (5वें)
- 🇮🇳 रोहित यादव – 78.37 मीटर (9वें)
- 🇮🇳 यश वीर सिंह – 78.36 मीटर (10वें)
क्वालिफिकेशन में टॉप पर रहा श्रीलंकाई सितारा
सबसे बड़ा सरप्राइज रहा श्रीलंका के रुमेश पाथिराजे का, जिन्होंने 82.84 मीटर का दमदार थ्रो कर पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स (81.29 मीटर), साउथ अफ्रीका के डाउ स्मिट (80.64 मीटर) और इंग्लैंड के बेन ईस्ट (80.38 मीटर) ने भी नीरज से बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन जानकार मानते हैं कि नीरज ने जानबूझकर अपनी असली ताकत छुपाई है।
नीरज बनाम नदीम – रिकॉर्ड की जुबानी
| पैरामीटर | नीरज चोपड़ा 🇮🇳 | अरशद नदीम 🇵🇰 |
|---|---|---|
| व्यक्तिगत बेस्ट | 90.23 मीटर (दोहा DL 2025) | 92.97 मीटर (पेरिस ओलिंपिक 2024) |
| ओलिंपिक गोल्ड | टोक्यो 2020 (87.58 मी) | पेरिस 2024 |
| ओलिंपिक सिल्वर | पेरिस 2024 | — |
| वर्ल्ड चैंपियन | 2023 | — |
| कॉमनवेल्थ गोल्ड | 2022 (बर्मिंघम) | 2022 सिल्वर |
नीरज 90 मीटर पार करने वाले भारत के इकलौते जैवलिन थ्रोअर हैं। 2025 की दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 90.23 मीटर का थ्रो कर नेशनल रिकॉर्ड कायम किया था।
भारत का मेडल टैली – 10वें स्थान पर, पर उम्मीदें आसमान पर
गुरुवार देर रात लवप्रीत सिंह ने पुरुष वेटलिफ्टिंग की 110 kg वेट कैटेगरी में 388 किग्रा (स्नैच 176 + क्लीन एंड जर्क 212) उठाकर सिल्वर मेडल दिलाया। लवप्रीत ने स्नैच में कॉमनवेल्थ गेम्स का नया रिकॉर्ड भी बनाया और महज 1 किग्रा के अंतर से गोल्ड चूक गए। न्यूजीलैंड के डेविड एंड्रयूज ने 389 किग्रा उठाकर गोल्ड जीता।
वहीं महिला डिस्कस थ्रो में सीमा ने 58.65 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल भारत की झोली में डाला। खास बात यह है कि 27 साल की सीमा मां बनने के बाद वापसी कर रही हैं और साथ ही PHD भी कर रही हैं – असली मल्टीटास्किंग चैंपियन!
भारत का कुल स्कोर: 17 मेडल – 3 गोल्ड, 10 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज (10वां स्थान)
फाइनल का शेड्यूल – कब, कहाँ, कैसे देखें?
- इवेंट: पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल
- तारीख: शुक्रवार देर रात
- समय: रात 12:45 बजे (IST)
- स्थान: सेल्टिक पार्क, ग्लासगो
- लाइव प्रसारण: Sony Sports Network / JioCinema
- लाइव स्ट्रीमिंग: Sony LIV ऐप
विश्लेषण – कौन जीतेगा ‘गोल्डन थ्रो’ की जंग?
खेल विशेषज्ञों की मानें तो नीरज ने क्वालिफिकेशन में सिर्फ 70% ऊर्जा का इस्तेमाल किया। उनके कोच जान जेलेजनी का मानना है कि “नीरज का असली रूप फाइनल में दिखेगा।” दूसरी ओर, नदीम पेरिस ओलिंपिक की जीत के बाद से मानसिक रूप से मजबूत हैं, लेकिन उनकी हालिया फॉर्म में उतार-चढ़ाव है।
भारतीय फैंस के लिए संदेश साफ है – आज रात 12:45 बजे, टीवी के सामने बैठ जाइए, क्योंकि इतिहास एक बार फिर दोहराया जाने वाला है।
निष्कर्ष
चाहे नतीजा कुछ भी हो, यह मुकाबला दिखाता है कि भारतीय एथलेटिक्स अब उस मुकाम पर पहुंच चुका है जहाँ हम ओलिंपिक चैंपियन को उन्हीं के मैदान पर चुनौती दे रहे हैं। नीरज चोपड़ा सिर्फ एक एथलीट नहीं, बल्कि एक करोड़ों भारतीयों के सपनों का प्रतिनिधित्व करने वाला भाला हैं। और आज रात, वह भाला एक बार फिर सोने के लिए हवा में उड़ान भरेगा।