Astrology 2024 : कैसा रहेगा मेष, वृषभ और मिथुन राशियों का वर्ष 2024, जाने सम्पूर्ण भविष्यफल

Astrology 2024

भविष्यफल 2024 –

इस वर्ष 2024 में ग्रहों का संचरण निम्नानुसार रहेगा –

  • बृहस्पति – सौर मंडल में सबसे बड़े आकार के ग्रह बृहस्पति इस वर्ष 1 मई 2024 को मेष से वृष राशि में प्रवेश करेंगे एवं 9 अक्टूबर 2024 से वक्री होकर पूरे वर्ष इसी राशि में संचरण करेंगे।
  • शनि – शनि वर्ष भर कुम्भ राशि में संचरण करेंगे एवं इसी राशि में 29 जून 2024 को वक्री होकर 15 नवम्बर 2024 से मार्गी हो जायेंगे।
  • राहू – वर्ष भर मीन में संचरण करेंगे
  • केतु – वर्षभर केतु कन्या में संचरण करेंगे
  • मंगल – मंगल 5 फरवरी को धनु से मकर में, 15 मार्च को मकर से कुम्भ में, 23 अप्रैल कुम्भ से मीन में, 1 जून को मीन से मेष में, 12 जुलाई को मेष से वृष में, 26 अगस्त को वृष से मिथुन में, 20 अक्टूबर को मिथुन से कर्क में संचरण करेंगे।

ग्रहण- इस वर्ष सन् 2024 में कुल तीन ग्रहण लग रहे हैं, जिनमें दो सूर्य ग्रहण और एक खण्डग्रास चन्द्रग्रहण होगा, लेकिन ये तीनों ग्रहण भारत में दृश्य नहीं हैं, इसलिए उनका उल्लेख नहीं किया जा रहा है।

मेष

मेष – मेष राशि के जातक-जातिका आर्थिक विषयों में सावधानी बरतते रहें तो समस्याओं का सामना करने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। अचानक होने वाले खर्च को संभालें तो अर्थ संचय की बाधाओं को पार कर सकते हैं। कर्मक्षेत्र की गति को अनुमान और किसी के परामर्श पर न समझें तो होनेवाले परिवर्तन को संभाल सकते हैं। आर्थिक निवेश मई महीने तक न करें तो बड़ी हानि से बच सकते हैं। पारिवारिक रिश्तों में यदि तनाव चल रहा हो तो संयम से काम लें और जहां तक हो सके धैर्य और उचित व्यवहार रखें। वर्ष के उत्तरार्द्ध में संतान संबंधी चिंता हो सकती है और सामान्य वाद-विवाद से अन्य मधुर संबंध तनाव में आ सकते हैं। जून महीने से धन की सुविधा बढ़ सकती है और संचय भी बाधा रहित हो सकता है। स्वास्थ्य पर ध्यान रखना अनिवार्य होगा। खान-पान और दूसरी दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना उचित होगा। नौकरी पेशा के लोग लाभवान हो सकते हैं। वर्ष के प्रथमार्द्ध में विद्यार्थी परीक्षा-प्रतियोगिता में सफलता की आशा कर सकते हैं। रचनाधर्मी या लेखन संबंधी कार्यों में यश प्राप्त होना संभव है।

महिलाएं जहां तक हो सके आर्थिक संयम से काम लें और पारिवारिक बातों पर अधिक ध्यान दें। कामकाजी महिलाएं सितंबर-अक्टूबर में प्रोन्नति या मनचाहा बदलाव का सुख पा सकती हैं। व्यापारी और उद्योगपति संघर्षपूर्ण स्थिति का सामना कर सकते हैं और किसी भी बदलाव को जरूरी हो तो करें अन्यथा जैसा चल रहा है वैसा ही चलने दें। शेयर बाजार में लगे लोग अपनी इच्छा को नियंत्रित रखें तो किसी बड़ी हानि से बच सकते हैं। श्रमिक समुदाय सामान्य स्थिति में ही रह सकते हैं। राजनीति में लगे लोग मनोनुकूल फल पाने में बाधा का अनुभव कर सकते हैं और उन्हें अपनी लोकप्रियता काे बचाये रखने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा। यदि वे चुनावी राजनीति में सक्रिय हों तो उन्हें विशेष खर्च का सामना करना पड़ सकता है और आवश्यक धन की कमी का अनुभव कर सकते हैं। अन्य सभी लोगों का प्रयास होना चाहिए कि सहयोगी और उच्चाधिकारी उनसे प्रसन्न रहें। यदि सावधानी का साथ न छोड़ें तो कुछ ऐसी अनुकूल स्थिति भी बन सकती है जिससे चौतरफा उन्नति संभव होगी। मेष लग्न के लिए वर्ष लाभप्रद रहेगा। यदि श्री हनुमान चालीसा का नित्य पांच पाठ करें तो उन्नति का मार्ग प्रशस्त बना रहेगा। शुभ रंग लाल, शुभ दिशा दक्षिण-पूर्व और शुभांक 1, 4, व 8।

वृष

वृषभ – इस राशि के जातक-जातिका विशेष आनंददायक स्थिति का अनुभव कर सकेंगे, किन्तु वर्ष के उत्तरार्द्ध तक अच्छी आय के बावजूद धन का कोई ऐसा अवसर खो दे सकते हैं जिसकी वे वर्षों से प्रतीक्षा कर रहे होंगे। अत: आर्थिक संचय को बचाये रखना आवश्यक होगा। यदि कोई नया पूंजी निवेश करना हो या नये काम का प्रारंभ करना है तो अभी से मार्च तक कर सकते हैं। मांगलिक कार्य भी जून तक सम्पन्न करने की कोशिश करें। अविवाहित कुमार-कुमारी विवाहित होने की आशा कर सकते हैं। बहुत दिनों से रुका हुआ धन मार्च-अप्रैल तक प्राप्त होने की संभावना है। शिक्षा-दीक्षा में भी जून से जुलाई तक अधिक खर्च की स्थिति बना सकती है। यात्राओं पर खर्च हो सकता है जिनमें तीर्थाटन भी सम्मिलित रहेगा। कर्मक्षेत्र में अच्छी प्रगति रहेगी, किन्तु उचित मार्ग से ही लाभ की ओर ध्यान देना उचित होगा। उच्चाधिकारी पद पर काम करने वाले नया दायित्व पा सकते हैं और उनकी पदोन्नति हो सकती है।

महिलाएं प्रसन्न रहेंगी और उपहार आदि पा सकती हैं। कामकाजी महिलाएं उन्नति की ओर आगे बढ़ेंगी। स्वास्थ्य अच्छा बनाये रखना कर्मक्षेत्र के लिए अनिवार्य होगा जिससे मन-मस्तिष्क में एकाग्रता का अभाव न हो सके। वर्ष के आखिरी सात महीने सभी तरह के उत्थान के होंगे। आर्थिक दृष्टि से भी जून-जुलाई महीने सारे घाटे पूरा करने के होंगे, क्योंकि गोचर से कई योगों का निर्माण होगा। इनका समय छोटा हो सकता है। राजनीति और सार्वजनिक क्षेत्र के लोग अपना लक्ष्य सहज रूप से पा सकते हैं। रुग्ण व्यक्ति स्वास्थ्य लाभ तेजी से कर सकेंगे। शिक्षा से जुड़े लोग अच्छे अवसर पा सकेंगे। कर्मक्षेत्र में भी अवसरों की कमी नहीं रहेगी। यदि वाहन या मकान खरीदना हो तो यह समय अच्छा रहेगा। शारीरिक श्रम से जुड़े लोग उन्नति की ओर रहेंगे। पारिवारिक अशांति की समाप्ति हो सकती है और अच्छे लोग भी जुड़ सकते हैं जिनका सहयोग महत्वपूर्ण होगा। दाम्पत्य का कलह प्राय: शांत होगा। इस समय विद्यार्थी परीक्षा-प्रतियोगिता में अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। व्यवसाय-वाणिज्य में लगे लोग अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। यदि नया काम करना चाहें तो अर्थ की सुविधा हो सकेगी। इस वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण महीना सितंबर और नवंबर हो सकता है। विवादों से बचते रहने और उच्चाधिकारियों से अच्छे संबंध बनाये रखने में सुविधा होगी। अपने अच्छे विचार सहायक रहेंगे। वयोवृद्ध लोगों के प्रति श्रद्धा और उनका परामर्श लाभदायक होगा। यदि प्रत्येक शनिवार और गुरुवार को जरूरतमंदों के लिए कुछ करते रहा जाय तो कई समस्याओं का समाधान सहज में ही हो सकता है। वृष लग्न के लिए वर्ष प्रगतिकारक होगा। नित्य दुर्गा-चालीसा का पाठ करना लाभदायक हो सकता है। पश्चिम और दक्षिण दिशाएं शुभ होंगी। शुभ रंग आसमानी नीला और शुभांक 3, 7 और 9।

मिथुन

मिथुन – इस राशि के जातक-जातिका वर्ष के पहले पांच महीने अर्थात् जनवरी से मई तक अपने रुके हुए काम को पूरा करने के प्रयास करें।​ किसी भी आर्थिक मामले को किसी भी कारण से टालना अच्छा नहीं होगा क्योंकि इसके बाद के महीने कोई न कोई ऐसी परिस्थिति पैदा करते रहेंगे जिससे अर्थ हानि संभव हो सकती है। इन पांच महीनों की अवधि में जो कुछ करना हो उसके लिए सुनियोजित कार्यक्रम और अथक परिश्रम ऊंचाई को छूने में सहायता करेंगे। विद्यार्थी थोड़े परिश्रम से भी अच्छे फल प्राप्त पा सकते हैं किन्तु भविष्य को सफल बनाने के लिए ये पांच महीने नींव की ईंट सिद्ध होंगे। बुद्धिजीवी भी अच्छा परिणाम पा सकते हैं। दाम्पत्य जीवन को सुचारु रूप से चलाने के लिए जीवनसाथी से पूरा सहयोग मिल सकेगा। नौकरी-पेशा में लगे लोग भी लाभान्वित होंगे और यदि कोई समस्या चल रही होगी तो उसका समाधान भी सहज रूप से हो सकेगा।

उद्योग-व्यवसाय में लगे जातक अपने सही निर्णय से सफलता प्राप्त कर सकेंगे किन्तु विपरीत मार्ग पर चलने से हानि का सामना भी हो सकता है। जितनी अधिक आध्यात्मिक श्रद्धा होगी उतनी ही अधिक उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त होगा। स्वास्थ्य को बनाये रखने के लिए संयमित दिनचर्या आवश्यक होगी ताकि उदर कष्ट से बचते रहें। किसी गंभीर रोग से राहत मिल सकती है। संतान की प्रगति अतिरिक्त प्रसन्नता देती रहेगी। उच्चाधिकारी भी प्रसन्न रहेंगे और सहयोगी तथा मित्र सर्वथा अनुकूल रहेंगे। रोजगार के अवसर मिल सकते है। वर्ष के शेष महीने अर्थात् जून से वर्ष अंत तक प्राय: स्थिति अचानक मोड़ ले सकती है और विशेष रूप से संभलते रहने की आवश्यकता होगी। आर्थिक कठिनाई बढ़ सकती है। खर्च में वृद्धि होगी किन्तु कुछ न कुछ सार्थक खर्च सम्मानप्रद होगा। मंगल कार्य संपन्न हो सकता है। शिक्षा-दीक्षा पर खर्च बढ़ेगा और पारिवारिक खर्च भी बढ़ सकता है। व्यवसाय-वाणिज्य में थोड़ी भी असावधानी समस्या पैदा कर सकती है। नियमित लाभ भी प्रभावित हो सकता है। श्रद्धेय और वृद्ध लोगों से यदि मतभेद हो तो उसे दूर करना ही अच्छा रहेगा।

महिलाएं यदि कामकाजी हों तो उन्हें भी वस्तुस्थिति को परखना होगा। अनावश्यक रूप से कल्पना के आधार पर कोई कार्यक्रम न बनाना अच्छा रहेगा। सामान्य रूप से जो काम आ जाय, उसे किया जाना चाहिए और अभी नया काम आरंभ न करना ही ठीक रहेगा। अच्छे परिणाम के लिए शनिवार को काला तिल और गुरुवार को पीले केले का दान लाभदायक रहेगा। मिथुन लग्न के लिए वर्ष आर्थिक उन्नति का होगा। शुभ दिशा उत्तर, शुभ रंग हरा और नीला व शुभांक 4, 6 और 8। गणेश जी की नियमित पूजा या उनके द्वादश नामों का नित्य पाठ बाधाओं से बचाता रहेगा।

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